बुधवार, 22 जून 2011

उधार चुका देने पर भी चैक न लौटाने पर क्या करें?

मैं बहुत मुश्किल में था। मैंने एक व्यक्ति से उधार लिया था और चैक दिया था। उसे पुरे पैसे देने के बावजूद वह मेरा चैक वापस नहीं किया है और बाउंस करने की धमकी दे रहा है। उसकी नियत ख़राब हो गयी है. लेनदेन की कोई लिखत कोई रसीद नहीं है। मेरी तरह  और भी बहुत से पीड़ित होंगे जिन्हें ये परेशानी होगी. अतः मैंने अपने गुरु श्री  दिनेशराय द्विवेदी, वकील, कानूनी सलाहकार जो की कोटा, राजस्थान से है. उन्होंने मुझे मार्ग दर्शन बहुत ही अच्छे तरह से दिया है. आप सभी भी इनके मार्ग दर्शन का लाभ ले. इसकेलिए मान्यवर का शुक्रिया जिन्होंने इतने अच्छी तरह से जानकारी दी है-

बंटी जी,
आप ने उधार लिया और उसे चुकाने को चैक दिया, दोनों ने कोई गलती नहीं की। आप ने उधार लिया और चैक दे कर रकम चुका दी, बात यहीं खत्म हो चुकी थी। दोनों के बीच कोई लेन-देन शेष ही नहीं रहा था। आप पर कोई कर्ज था ही नहीं लेकिन आप ने उसे दुबारा उसी कर्ज को जो चैक से चुकाया जा चुका था चुकाने के लिए नकद रकम उसे दे दी। इस तरह उक्त व्यक्ति ने आप से दो बार धनराशि वसूल कर ली। जब आप दुबारा नकद राशि दे रहे थे तो या पहले चैक वापस लेना चाहिए था या फिर उस की रसीद लेनी चाहिए थी। गलती आप की है।
आप जो यह कह रहे हैं कि मैं चैक चोरी करने की रिपोर्ट दर्ज करवा सकता हूँ क्या? आप का यह कथन बिलकुल मिथ्या है। आप ऐसा नहीं कर सकते। यदि करते हैं तो उलटे पुलिस आप को एक मिथ्या रिपोर्ट देने के मामले में फँसा सकती है।
चैक से संबंधित कानून धारा 138 अपरक्राम्य विलेख अधिनियम में यह प्रावधान है कि यदि किसी ने किसी को चैक दिया है तो न्यायालय को प्रथम दृष्टया यह मानना होगा कि चैक किसी न किसी दायित्व के अधीन दिया गया है। यदि कोई व्यक्ति यह कहता है कि चैक दायित्व के अधीन नहीं दिया गया है तो ऐसा उस व्यक्ति को साबित करना होगा। आप के मामले में आपने चैक दायित्व के अधीन ही दिया था। गड़बड़ी यह हुई है कि आप जिस दायित्व से चैक दे कर मुक्त हो चुके थे वही दायित्व आप ने दुबारा चुका दिया है। वह व्यक्ति आप को चैक बैंक में लगा कर धारा 138 का मुकदमा लगाने की बात कह रहा है वह अपराध कर रहा है।
आप मुसीबत से बच सकते हैं, लेकिन उस के लिए आप को उस व्यक्ति के विरुद्ध पुलिस में रिपोर्ट करवानी होगी  कि उस व्यक्ति ने यह कह कर कि वह आप का चैक आप को लौटा देगा, आप से नकद रुपया प्राप्त कर लिया और अब चैक नहीं दे रहा है। लेकिन आप के पास यह प्रमाणित करने को सबूत चाहिए कि आप ने उसे उस का रुपया चुका दिया है। यदि आप किसी प्रत्यक्षदर्शी साक्षी के माध्यम से यह साबित कर सकते हैं कि आप ने उस का रुपया चुका दिया है तो आप ऐसी रिपोर्ट करवा सकते हैं। उस पर पुलिस को कार्यवाही करनी होगी। यदि पुलिस कार्यवाही नहीं करती है तो आप एस.पी. को अपनी रिपोर्ट दें और एस.पी. को रिपोर्ट देने पर भी कार्यवाही नहीं होती है तो इस मामले में न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत कर वहाँ अपने और अपने साक्षी के बयान करवा कर  न्यायालय को प्रसंज्ञान लेने का निवेदन करें।

1 टिप्पणी:

बेनामी ने कहा…

aapke dwara bahut hi achhi jankari mili hai